डिजिटल लेन देन को प्रोत्साहित करने के लिए बैंकिंग कारेसपान्डेंस सखी का चयन 2885 बीसी सखी को पदस्थ किया जा चुका


लखनऊः (मानवी मीडिया) राज्य सरकार ने बुनियादी विकास के ढांचे को सहयोग प्रदान करने की दिशा में ग्रामीण क्षेत्र में गाँव में ही वित्तीय समावेशन गतिविधि के माध्यम से वित्तीय लेन देन एवं विभिन्न योजनाओं से ग्रामवासियों को लाभान्वित करने एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विभिन्न बैंकों के माध्यम से ग्राम्य स्तर पर डिजिटल लेन देन को प्रोत्साहित करने के लिए बैंकिंग कारेसपान्डेंस सखी (बीसी सखी) का चयन किया गया है।

ग्राम्य विकास विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार पूर्व में चयनित लगभग 58000 बीसी सखी में से अब तक 18935 बीसी सखी का प्रशिक्षण के उपरान्त प्रमाणीकरण पूरा कर लिया गया है। 2885 बीसी सखी को पदस्थ भी किया जा चुका है। इसके अलावा 6633 बैकिंग कारेसपान्डेंस सखी को पदस्थ किये जाने की प्रक्रिया चल रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने गत मई 2020 में उत्तर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायतों के लिए बैंकिंग कॉरेस्पॉडेंट सखी को शामिल करने की घोषणा की थी, इससे केवल बीसी सखियों का वित्तीय सशक्तिकरण ही नहीं हुआ, बल्कि ग्राम पंचायत आधारित यह बीसी सखियां ग्राम स्टोर पर गरीब के घर में सभी बैंकिंग सेवाओं के लिए एक स्टॉप समाधान भी प्रदान करेंगी।

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