राकेश झुनझुनवाला समेत 10 लोगों से सेबी ने वसूले 37 करोड़ रुपये, जानें पूरा मामला


नई दिल्ली (मानवी मीडिया): जाने-माने निवेशक राकेश झुनझुनवाला, उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला समेत कुल 10 लोगों ने 37 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान कर एप्टेक लि. के शेयर से जुड़े भेदिया कारोबार मामले का निपटान कर लिया। राशि में निपटान शुल्क और ब्याज के साथ गलत तरीके से कमाई गई राशि शामिल है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दो अलग-अलग आदेश के अनुसार मामले का निपटान करने वाले अन्य आठ व्यक्ति हैं - राजेश कुमार झुनझुनवाला, सुशीला देवी गुप्ता, सुधा गुप्ता, उष्मा सेठ सुले, उत्पल शेठ, मधु वडेरा जयकुमार, चुग योगिंदर पाल और रमेश एस दमान  ये आदेश इन व्यक्तियों के निपटान आवेदनों के बाद आए हैं। आवेदन में सेबी के निपटान आदेश के माध्यम से तथ्यों को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना, मामले को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया गया था। मामले में व्यक्तिगत रूप से, राकेश झुनझुनवाला ने निपटान राशि के रूप में 9.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसमें 3.10 करोड़ रुपये के ब्याज के साथ गलत तरीके से प्राप्त लाभ के एवज में 5.86 करोड़ रुपये का भुगतान शामिल है। इसके अलावा, रेखा झुनझुनवाला ने 1.57 करोड़ रुपये निपटान राशि के रूप में दिए।

क्या था मामला?

बाजार नियामक सेबी ने अपने एक विस्तृत आदेश में बताया कि 7 सितंबर, 2016 को एपटेक लिमिटेड ने बाजार बंद होने के बाद स्टॉक एक्सचेंजों पर एक एलान किया, जिसका शीर्षक - 'एपटेक प्री-स्कूल सेगमेंट में उतर रहा है'  था। इस सूचना को एक अप्रकाशित कीमत संवेदी सूचना (यूपीएसआई) मानी गई। आरोप लगा था कि उत्पल सेठ और राकेश झुनझुनवाला को पहले से इसकी जानकारी थी और उन्होंने कई अन्य आवेदकों को भी इसकी जानकारी दी थी। सेबी ने कहा कि इस सूचना के आधार पर ही राकेश झुनझुनवाला, रेखा झुनझुनवाला, राजेशकुमार झुनझुनवाला, सुशीला देवी गुप्ता, सुधा गुप्ता और उष्मा सेठ सुले ने इस दौरान एपटेक के शेयरों की खरीदारी की।

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