प्रदेश में रक्षा उद्योग को मज़बूत बनाने हेतु CII -SIDM ने किया यूपी चैप्टर का लांच

सचिन अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, पीटीसी इंडस्ट्रीज बने एसआईडीएम के उ0प्र0 चैप्टर का अध्यक्ष

लखनऊ (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश में घरेलु रक्षा तथा एयरोस्पेस सेक्टर को मज़बूती प्रदान करने के उद्देश्य से CII तथा SIDM ने प्रथम प्रदेश चैप्टर का लांच ऑनलाइन माध्यम से किया |  सचिन अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, पीटीसी इंडस्ट्रीज को एसआईडीएम के यूपी चैप्टर का अध्यक्ष घोषित किया गया।

इस SIDM उत्तर प्रदेश चैप्टर के माध्यम से डिफेन्स तथा एयरोस्पेस सेक्टर के स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देना है |इसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में मांगो तथा रक्षा से सम्बंधित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय नीतियों के बारे में अवगत करा प्राइवेट कंपनियों की भागेदारी को बढ़ावा देना है |

अपने भाषण में जयंत दी पाटिल अध्यक्ष, SIDM ने बताया की भारतीय रक्षा उद्योग ने  पिछले पांच वर्षो में  अभूतपूर्व विकास किया है जिसकी मुख्य विशेषता भारीय उद्योग को रक्षा के क्षेत्र में अनुकूल वातावरण मुहैय्या करने से लेकर व्यापार सुगमता के निरंतर विकसित होते मानदंडों में देखा जासकता है | इन सुधारो के माध्यम से भारत में विदेशी उपकरण विनिर्माण कंपनियों को भारत में व्यापार करने, तकनिकी विकास करने में अधिक सहायता मिलेगी |

एस पी शुक्ला उपाध्यक्ष, SIDM ने अपने अभिभाषण में रक्षा के क्षेत्र में भारतीय विनिर्माण की भूमिका को और मज़बूत बनाने में उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर की महत्ता को दर्शाया | उन्होंने बताया की सर्कार द्वारा विभिन्न नीतिगत तथा प्रक्रियात्मक सुधारो के साथ साथ पॉजिटिव लिस्ट की उद्घोषणा के साथ ही रक्षा क्षेत्र में कार्यरत निजी संस्थाओ के विस्तार की आवश्यकता है ताकि वे भारतीय सैन्य रक्षा की बढ़ती आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सके | नए उद्योग जो की पूर्व से ही रक्षा के क्षेत्र में काफी समय से अपनी सेवा प्रदान कर रहे है, पाएंगे की उत्तर प्रदेश में सभी अधोरचनात्मक सुविधाएं मौजूद है जिससे की वे भारतीय रक्षा उद्योग की आवश्यकताओं को समयानुकूल रूप से पूरा कर सकते है |सचिन अग्रवाल, अध्यक्ष, SIDM  उत्तर प्रदेश ने बताया की SIDM  स्टेट चैप्टर न सिर्फ रक्षा के क्षेत्र में मौजूद अवसरों के बारे में बताएगा बल्कि रक्षा तथा एयरोस्पेस के विनिर्माण सम्बंधित विभिन्न केंद्रीय तथा राज्य स्तरीय नीतियों के बारे में स्झौते उद्योगों को अवगत कराएगा | उन्होंने ये भी बताया की उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक तथा सेवा क्षेत्र से सम्बंधित उद्योगों को कई प्रकार की सब्सिडियां तथा राजकोषीय प्रोत्साहन प्रदान करती है| उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी(उपैड़ा) डिफेन्स कॉरिडोर के नोडल एजेंसी होने के साथ साथ यूपी डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर रक्षा उत्पादों के मामले में विदेशो पर भारत की निर्भरता को काम करेगा |


अवनीश कुमार अवस्थी अपर मुख्या सचिव एवं सीईओ, UPEIDA ने अपने अभिभाषण में उत्तर प्रदेश सर्कार द्वारा लायी गयी विभिन्न नीतियों के बारे में बताया जैसे की उत्तर प्रदेश डिफेन्स पालिसी २०१९ तथा गाइडलाइन्स २०२०, यूपी स्टार्टअप पालिसी २०२०, औद्योगिक विकास एवं रोज़गार प्रमोशन पालिसी २०१७, यूपी मसमे पालिसी २०१७, इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण पालिसी २०२० एवं कोविद एक्सेलरेटेड प्रमोशन पालिसी इत्यादि | उन्होंने बताया की इन नीतियों के माध्यम से प्रदेश में रक्षा तथा एयरोस्पेस निर्माण क्षेत्र को विकसित करने में सहायता मिलेगी | उन्होंने ये भी बताया की राज्य सरकार एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना करने की प्रक्रिया में है जिससे की उद्योगों को अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा प्रोडक्ट डिज़ाइन, टेस्टिंग आदि में सहायता प्राप्त होगी | इस सेंटर के माध्यम से वह एमएसएमई जो डिफेन्स क्षेत्र में नहीं है उन्हें इस क्षेत्र में उद्योग लगाने में सहायता मिलेगी |

उन्होंने बताया की अलीगढ, आगरा, झाँसी, लखनऊ एवं चित्रकूट डिफेन्स नोड है और में इस बाबत  १३८२ हेक्टेयर का भूमि अधिकरण किया जाचुका है |

अंत में  अवस्थी ने SIDM को यूपीएइडा को पार्टनर के तौर पर कार्य करने के साथ साथ रक्षा यूपी डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को मज़बूती प्रदान करने के लिए प्राइवेट प्लेयर्स के चयन हेतु आमंत्रित किया |

मनोज गुप्ता, अध्यक्ष, सी आई आई उत्तर क्षेत्रीय डिफेन्स समिति ने कहा की उत्तर प्रदेश में रक्षा उद्योग से सम्बंधित अनेको अवसर व्याप्त है | किसी भी औद्योगिक इकाई के लिए यहाँ पर निवेश कर भारत के विकास में भागीदारी निश्चित करना अत्यंत गौरव की बात है | भारतीय उद्योग के सतत विकास के साथ ही साथ हमारा देश सैन्य उद्योग मामले में आयातक से निर्यातक होने की दिशा में अग्रसर है |

इस लांच कार्यक्रम में तकनिकी सत्र के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में व्याप्त औद्योगिक अवसर तथा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर चर्चा-परिचर्चा हुई | इस सत्र में विभिन्न विशेषज्ञों के साथ साथ २०० से अधिक लोगो ने भागीदारी की |

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