मिल्खा सिंह ने कहा था- मेरे बाद मेरा पुतला मेरी याद दिलाता रहेगा, जूतों को इसलिए कर दिया था नीलाम


नई दिल्ली (मानवी मीडिया) : भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का 91 साल की उम्र निधन हो गया है। फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह ने पीजीआई एमईआर में अंतिम सांस ली। शुक्रवार शाम को कोविड-19 के बाद उत्पन्न हुई जटिलताओं के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई। उनका ऑक्सीजन स्तर कम होने लगा और बुखार आना शुरू हो गया। थोड़ी ही देर में उनकी हालत गंभीर हो गई थी। जिसके बाद उनका निधन हो गया। गौरतलब है कि रविवार को मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर का कोरोना के कारण मोहाली में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था।मिल्खा सिंह अपने पुतले के साथ।

वहीं अगर हम फ्लाइंग सिख की बुलंदियों की बात करें तो मैडम तुसाद म्यूजियम में भी मिल्खा सिंह को जगह मिली है। यहां दुनियाभर की हस्तियों के साथ मिल्खा सिंह का भी मोम का पुतला लगा है। जब मिल्खा ने अपने मोम के पुतले को देखा था तब वे भी दंग रह गए थे। पुतले को देखकर मिल्खा सिंह ने कहा था कि मेरे जाने के बाद लोगों को मेरा पुतला मेरी याद दिलाता रहेगा। पुतला बनाने से पहले कंपनी के प्रतिनिधियों ने उनकी हजारों तस्वीरें खीचीं थीं। खासकर जिस तरह से वह जवानी में दौड़ते थे। उनकी छोटी से छोटी मूवमेंट पर बारीकी से गौर किया गया। कपड़ों के माप के लिए विशेष दर्जी बुलाए गए थे। जब उनका पुतला तैयार हुआ तो मिल्खा सिंह का पूरा परिवार हैरान रह गया था। सबने मैडम तुसाद की टीम को इसके लिए दिल से धन्यवाद किया था।इतना ही नहीं जिन जूतों को पहनकर वर्ष 1960 में मिल्खा सिंह रोम ओलंपिक में दौड़े थे, उनको उन्होंने दृष्टिहीन बच्चों की मदद के लिए नीलाम कर दिया था। मिल्खा सिंह को इन जूतों से काफी लगाव था और इन्हें संभालकर उन्होंने अलमारी में रखा हुआ था।एक बार उन्होंने बताया था कि अभिनेता राहुल बोस चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर मिलने आए थे। बातों-बातों में उन्होंने कहा कि जिन जूतों को पहनकर आप रोम ओलंपिक दौड़े थे, अब उनकी जरूरत आ पड़ी है। वह उन जूतों को बेचकर दृष्टिहीन बच्चों की मदद करना चाहते हैं।मिल्खा सिंहराहुल की बात सुनकर मिल्खा सिंह चौंक उठे, क्योंकि उन जूतों से उन्हें काफी प्यार था। उन्हें समझ में नहीं आया कि वे राहुल को क्या जवाब दें लेकिन जब दृष्टिहीन बच्चों के चेहरे उनके सामने आए तो उन्होंने राहुल को नीलामी के लिए हां कर दी। बाद में मुंबई में इन जूतों की नीलामी की गई। जूतों की बोली 10 लाख रुपये से शुरू हुई। इस नीलामी में देश व विदेश के कई नामचीन लोगों ने हिस्सा लिया। अंत में बॉलीवुड निर्माता व निर्देशक राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने 24 लाख रुपये में इन्हें खरीद लिया। राकेश ओम प्रकाश मेहरा मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के निर्देशक भी थे। नीलामी के बाद मिल्खा सिंह ने कहा था कि वह बोली से संतुष्ट हैं। इससे दृष्टिहीन बच्चों की मदद होगी। इस नेक काम में उनके परिवार ने साथ भी दिया था

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