उ0प्र0::कुशीनगर के आपदा राहत घोटाले में तीन लिपिक बर्खास्त


कुशीनगर (मानवी मीडिया): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में किसानों को आपदा राहत देने के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार से मिली रकम में से दो करोड़ 20 लाख रुपये के घोटाले के मामले में जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने तीन लिपिकों को बर्खास्त कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रकरण वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 का है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी एस राज लिंगम ने कलक्ट्रेट के तत्कालीन बिल लिपिक अशोक कुमार पाठक को पद पर रहते हुए आपदा राहत राशि दो करोड़ 20 लाख रुपये के घोटाले का दोषी पाया गया है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन आपदा लिपिक विजयनाथ उपाध्याय पर आरोप है कि उनके आलमारी में आपदा के किसानों के राहत का 124 बैंकर्स चेक मिले थे और उनके पटल पर तैनात रहते लापरवाही के कारण घोटाला हुआ है।उन्होंने बताया कि इस मामले में कलक्ट्रेट में इनसे पहले तैनात रहे तत्कालीन आपदा लिपिक राजेश कुमार को वित्तीय मामले में लापरवाही मानते हुए बर्खास्त किया गया है। आपदा राहत घोटाले में ही उद्यान विभाग में तैनात लिपिक आपदा कार्यालय से सम्बद्ध राम ईश्वर सिंह को डीडी उद्यान द्वारा पहले ही बर्खास्त कर दिया था।

 सत्रों ने बताया कि अनुसार सितंबर 2018 में बंधन बैंक में एक व्यक्ति ने ओसी बिल फॉर कलक्ट्रेट का बैंकर्स चेक जमा किया था। इसका क्लीयरेंस होकर आने के बाद बैंक प्रबंधक को शक हुआ तो संबंधित खाता धारक को फोन कर बुलाया। खाताधारक से पूछताछ के बाद संदेह होने पर बैंक प्रबंधक तत्कालीन एडीएम कृष्णलाल तिवारी के पास कंफर्म करने पहुंच गये। एडीएम ने इसको गंभीरता से लेते हुए तत्काल बैंक पहुंच कोतवाली पुलिस को बुलाकर बैंक में भुगतान की कोशिश करने वाले व्यक्ति को सौंप दिया। इसके बाद प्रभारी ओसी बिल ने पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद एक के बाद एक चौकाने वाले तथ्य सामने आने लगे थे।उन्होंने बताया कि आपदा घोटाला सामने आने के बाद एडीएम व प्रभारी ओसी बिल ने आपदा कार्यालय की जांच की। इसमें एक बार 117 तथा दूसरी बार सात बैंकर्स चेक मिले। ये सभी चेक लैप्स हो गये थे। जांच के बाद कलक्ट्रेट के तीन व उद्यान विभाग के बाबू आपदा कार्यालय से सम्बद्ध के खिलाफ जिलाधिकारी ने निलंबन की कार्रवाई कर विभागीय जांच सीडीओ को सौंपी थी। सीडीओ की जांच में घोटाले की पुष्टि हुई और चारों बाबुओं को दोषी माना गया। सीडीओ की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने पहले एडीएम से परीक्षण कराया। रिपोर्ट आने के बाद सीडीओ व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीम गठित कर जांच कराई। इस रिपोर्ट में पूर्व की जांच रिपोर्ट पर मुहर लगी। इसके बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ है।जिलाधिकारी एस राज लिंगम ने बताया, आपदा घोटाला मामले में कलक्ट्रेट से जुड़े तीन लिपिकों को बर्खास्त किया गया है। जांच रिपोर्ट में घोटाला सामने आने के बाद आरोपियों को नोटिस व आरोप पत्र देकर पर्याप्त अवसर देते हुए जवाब लेने के बाद कार्रवाई की गई है

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