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Showing posts from July, 2020

टीवी एंकर ने की सुसाइड, वजह पर सस्पेंस ***************************** शुक्रवार का 31जुलाई, 2020 | नई दिल्‍ली (मानवी मीडिया)- टीवी एंकर प्रिया जुनेजा ने आत्महत्या कर ली है। एक टीवी चैनल में काम करने वाली प्रिया के सुसाइड करने की वजह पता नहीं चली है। उन्होंने अपने घर पर ही फंदा लगाकर जिंदगी खत्म कर ली। प्रिया एक खुशमिजाज लड़की थी और उसने माडलिंग की दुनिया में भी अपना खास मुकाम बनाया। प्रिया के आत्महत्या करने से उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर है। प्रियंका जुनेजा प्रिया को जानने वालों ने सोशल मीडिया अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। एक साथी ने लिखा है कि 'ऐसा कोई कदम उठाने से पहले आसपास के लोगों से बात करनी चाहिए थी।' शुरुआती जांच में पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। यह घटना पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके की है। प्रियंका कई चैनल में काम कर चुकी हैं। मौजूदा वक्त में वह हरियाणा के एक यूट्यूब चैनल में एंकर के रूप में कार्यरत थीं। शुरुआती जांच में पता चला है प्रियंका अपनी नौकरी को लेकर काफी परेशान थी।मीडिया जगह पर मंडराया मौत का साया ...

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विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने ईद-उल-अजहा की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद दी***************************** शुक्रवार 31 जुलाई 2020 लखनऊ (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षितने अपने संदेश में कहा है कि ईद-उल-अजहा (बकरीद) इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का प्रमुख त्यौहार है। कोरोना महामारी के दृष्टिगत समाजिक दूरी बनाये रखते हुए इस दिन को आपसी सौहार्द एंव हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए।

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31 अगस्त तक इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर रोक********************** शुक्रवार 25 जुलाई , 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया): कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर नागरिक उड्डयन महानिदेशक ने आज घोषणा की कि 31 अगस्त तक अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल पैसेंजर उड़ानें निलंबित रहेंगी।  इससे पहले इंटरनेशनल कमर्शियल फ्लाइट्स पर 31 जुलाई तक के लिए रोक लगाई गई थी, जिसे अब बढ़ा कर 31 अगस्त तक कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित होने की वजह से भारत सरकार विदेश में फंसे लोगों को स्वदेश लाने के लिए वंदे भारत मिशन अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत विदेश में फंसे लोगों को चरणबद्ध तरीके से भारत लाया जा रहा है। इसके लिए एयर इंडिया की पूरी मदद ली जा रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने के लिए भारत दूसरे देशों पर निर्भर है, साथ ही उन्हें आशा है कि साल के अंत तक पूरी तरह से घरेलू उड़ानों को फिर से शुरू किया जा सकता है।  कोरोना महामारी के बीच 23 मार्च से इंटरनैशनल फ्लाइट और 25 मार्च से डमेस्टिक फ्लाइट की सेवा बंद की गई थी। दो महीने बाद 25 मई को डमेस्टिक फ्लाइट की सेवा शुरू की गई। यूरोपीय संघ ने कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण मौजूदा समय भारत से उड़ानों को प्रतिबंधित कर रखा है।

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फिल्में और वेब सीरीज में भारतीय सेना को दिखाने से पहले रक्षा मंत्रालय से NOC लें ************************ शुक्रवार 31 जुलाई, 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया)-फिल्मों और वेब सीरीज में भारतीय सैन्य अफसरों को गलत ढंग से दिखाए जाने वालों की खैर नहीं। रक्षा मंत्रालय ने सेंसर बोर्ड यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) और सूचना प्रसारण मंत्रालय को लिखा है कि फिल्म, डॉक्यूमेंट्री या वेब सीरीज में अगर आर्म्ड फोर्सेज को किसी भी तरह से दिखाया जाना है तो पहले रक्षा मंत्रालय से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लें। अगर एनओसी नहीं ली जाती तो उन पर कार्रवाई तय है। प्रतीकात्मक तस्वीर रक्षा मंत्रालय के पास जो शिकायतें आई हैं उनमें वेब सीरीज कोड-एम, एक्स एक्स एक्स अनसेंसर्ड (सीजन-2) भी शामिल हैं। शिकायतों में कहा गया है कि इनमें जिस तरह आर्मी के बारे में जिक्र किया गया है और चित्रण किया गया है वह असलियत से कोसों दूर है और आर्म्ड फोर्सेस की छवि खराब करने वाला है।कुछ पूर्व सैनिकों ने तो इसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है और ओटीटी प्लेटफॉर्म और प्रोड्यूसर पर लीगल एक्शन लेने की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्रालय को कई शिकायत मिली जिसमें कहा गया कि कई वेब सीरीज में इंडियन आर्मी के लोगों का गलत तरीके से चित्रण किया गया है और साथ ही मिलिट्री यूनिफॉर्म की बेइज्जती की गई है। रक्षा मंत्रालय का आदेश-सेना पर वेब सीरीज और फिल्म के प्रसारण से पहले लेनी होगी NOC केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और सूचना प्रसारण मंत्रालय को रक्षा मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि यह सब उन घटनाओं को रोकने के लिए किया जा रहा है जो रक्षा बलों की छवि को बिगाड़ते हैं और रक्षा कर्मियों और दिग्गजों की भावनाओं को आहत करते हैं। रक्षा मंत्रालय को मिली शिकायत में कहा गया है कि एएलटी बालाजी पर प्रसारित वेब सीरीज कोड M और जी5 की एक्सएक्सएक्स अनसेंसर्ड (सीज़न -2) जैसी सीरीज में सेना को लेकर कुछ ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जो वास्तविकता से काफी दूर हैं।

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पुलिस उपायुक्त ट्रांस गोमती शालिनी ने किया क्षेत्र का भ्रमण *****************शुक्रवार 31 जुलाई 2020 लखनऊ (मानवी मीडिया) उपायुक्त उत्तरी शालिनी द्वारा बकरीद, रक्षा बंधन के दृष्टिगत अपने उत्तरी क्षेत्र में लॉकडाउन के अनुपालन व कानून व्यवस्था एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के परिपेक्ष में अपने सहयोगियों के साथ अपने संपूर्ण क्षेत्र में पैदल मार्च कर स्थितियों का जायजा लिया।

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मुख्यमंत्री योगी ने ईद-उल-अज़हा पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत लोगों से घर पर ही नमाज़ पढ़ने और ईद-उल-अज़हा मनाने की अपील ********************। शुक्रवार: 31 जुलाई, 2020 लखनऊ (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ईद-उल-अज़हा पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। आज यहां जारी एक बधाई संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि ईद-उल-अज़हा का त्यौहार सभी को मिल-जुल कर रहने तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण पालन करते हुए घर पर ही नमाज़ पढ़ने और ईद-उल-अज़हा मनाने की अपील की है।

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सहयोग विकास समिति द्वारा बाल महिला चिकित्सालय परिसर, इंदिरा नगर, में पौधरोपण किया ************************शुक्रवार 31 जुलाई 2020 लखनऊ (मानवी मीडिया) । लखनऊ के इंदिरा नगर मे स्थित बाल महिला चिकित्सालय में सहयोग विकास समिति द्वारा वृक्षारोपण किया गया इस अवसर सहयोग विकास समिति द्वारा पीपल, जामुन, हरसिंगार, गुड़हल आदि विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए । इस अवसर पर चिकित्सा प्रभारी महेश प्रसाद और जुझारू पत्रकार सूरज कुमार को उनके सराहनीय कार्य के लिए कोरोना योद्धा सम्मान पत्र प्रदान किया गया । इस अवसर पर सहयोग विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष धीरज गिहार के साथ प्रदेश संगठन सचिव कृष्ण कुमार वर्मा प्रचार प्रसार सचिव अजय श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव अनुराग मिश्रा , पत्रकार रघुनाथ सोनी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । प्रदेश अध्यक्ष धीरज गिहार ने सभी से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की ।

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कोरोना वायरस बना वरदान 33 साल के बाद पास कर ली 10वीं की परीक्षा कारण पढ़ें ************************* शुक्रवार 31 जुलाई, 2020 | हैदराबाद (मानवी मीडिया): कोरोना संक्रमण के चलते देश की अर्थव्यवस्था के साथ शिक्षा प्रणाली भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्कूल, कॉलेज बंद होने से विद्यार्थियों को भारी परेशानी हो रही है। बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने से भी छात्र मायूस हुए हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स से मिलवाने जा रहे हैं, जिसके लिए कोरोना वायरस वरदान साबित हुआ है। यह दिलचस्प कहानी है हैदराबाद के नुरुद्दीन की, जिनके लिए कोविड-19 आपदा एक अवसर बनकर आई और वो 33 साल बाद दसवीं की परीक्षा पास कर गए। .हैदराबाद के मोहम्मद नुरुद्दीन 51 साल के हैं। वो 33 साल से लगातार 10वीं के बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं, लेकिन बीत 33 सालों से वह लगातार अंग्रेजी में फेल होते रहे लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इस बार उनका किस्मत ने साथ दिया और राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते सभी छात्रों को पास करने का फैसला ले लिया। मोहम्मद नुरुद्दीन भी इन्हीं 'किस्मत' वाले छात्रों में शामिल थे। एक बातचीत में उन्होंने बताया, मैं 1987 से 10वीं की परीक्षा लगातार दे रहा हूं। मैं अंग्रेजी में कमजोर हूं इसलिए इसमें फेल हो जा रहा था, लेकिन इस बार मैं पास हो गया हूं क्योंकि इस कोविड-19 की वजह से सरकार ने छूट दे दी है।गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण का असर इस बार बोर्ड परीक्षाओं पर भी पड़ा है। बीमारी ऐसे समय भारत में पैर पसार रही थी, जब पूरे देश में बोर्ड परीक्षाओं का दौर रहता है। नतीजा ये रहा कि सीबीएसई सहित कई राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं में देरी हुई और रिजल्ट भी काफी दिनों तक लटके रहे। बाद में व्यवस्थाओं को देखते हुए कई राज्यों के बोर्डों ने फैसला किया। इस बार किसी को फेल नहीं किया जाएगा। इसकी वजह से कई छात्रों का बेड़ा पार हो गया।

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पुलिस उपायुक्त पश्चिमी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व"में थाना वजीरगंज पुलिस टीम ने दो अभियुक्तों को गांजा के साथ गिरफ्तार किया।************************** शुक्रवार 31 जुलाई 2020 लखनऊ (मानवी मीडिया) पुलिस उपायुक्त पश्चिमी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में अपराध नियंत्रण, अपराधियों पर अंकुश लगाये जाने हेतु पश्चिमी क्षेत्र में चलाये जा रहे सघन अभियान के अन्तर्गत अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिमी श्याम नारायण सिंह व सहायक पुलिस आयुक्त चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी के निर्देशन में थाना प्रभारी वजीरगंज द्वारा गठित पुलिस टीम ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की । थाना प्रभारी वजीरगंज श्याम बाबू शुक्ला के नेतृत्व में गठित टीम उ0नि0 अर्पित कुमार सिंह, का0 रजनीश यादव, का0 धीरेन्द्र मिश्रा, का0 सुधीर सिंह, का0 आशुतोष राय द्वारा शहीद स्मारक तिराहे पर चेकिंग के दौरान मुखबिर खास की सुचना पर तत्परता दिखाते हुए दो शातिर अभियुक्तों 1. सत्यम सिंह पुत्र शेष नारायण सिंह निवासी ग्राम मुड़हा थाना सांगीपुर जिला प्रतापगढ़ हालपता 35 राणा प्रताप मार्ग थाना वजीरगंज लखनऊ, 2. शेखर सक्सेना पुत्र जगजीत सक्सेना निवासी 484 चाहवाई कोतवाली बरेली हाल पता 35 राणा प्रताप मार्ग थाना वजीरगंज लखनऊ को 2.30 कि0ग्रा0 अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की । उक्त अभियुक्तों के खिलाफ पूर्व में भी थाना वजीरगंज में अभियोग पंजीकृत किया जा चुका है। इस सम्बन्ध में थाना वजीरगंज पर अभियोग पंजीकृत कर पुलिस टीम द्वारा दोनों अभियुक्तों को जेल भेजा गया ।

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,लखनऊ मंडलायुक्त ने वैयक्तिक सहायक की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह में सम्मिलित********************** - शुक्रवार 31 जुलाई 2020, लखनऊ (मानवी मीडिया) मण्डलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम ने मण्डलायुक्त कार्यालय में वैयक्तिक सहायक (पी0ए0) ए0के0 धर द्विवेदी की सेवानिवृत्त पर उन्हे स्मृति चिन्ह व शाल भेंट कर उन्हे भावी जीवन के सुखमय हेतु शुभकामनाए दी। उन्होंने कहा कि द्विवेदी जी ने 36 साल 11 माह व 06 दिन की संतोष जनक व सम्मान जनक सेवा पूर्ण कर आज सेवानिवृत्त हुए है द्विवेदी बहुत ही अनुभवी व्यक्ति है ऐसे अनुभवी व्यक्तियों के कार्यालय में होने से सभी सहयोगी कर्मचारियों को उसका लाभ मिलता है उन्होंने कहा कि हम लोग भाग्यशाली है कि हमें राजकीय सेवा में रहते हुए लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है, हम सभी लोगों को चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर यहां आता है तो हमें उसका पूर्ण समाधान कराने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा काल में रहते हुए सभी को अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त के पश्चात व्यक्ति को अपने जोश व शक्ति के साथ अपनी दिृतीय पारी प्रारम्भ करनी चाहिए मनुष्य को अपने मन में हीन भावना नहीं लानी चाहिए व अपने आप को सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा अपने आप को कहीं न कही व्यस्त रखना चाहिए। उन्होने कहा कि मै द्विवेदी जी की लम्बी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हॅूं तथा इनको आश्वासन देता हॅंू कि हम लोग उनके परिवार की तरह हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। इस अवसर पर अपर आयुक्त प्रशासन रण विजय यादव, अपर आयुक्त न्यायिक शीलधर सिंह यादव, सहित मण्डलायुक्त कार्यालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

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इन राज्यों का नया ट्रैफिक नियम जान ले गाड़ी चलाते वक़्त फोन पर की बात तो देने पड़ेंगे 10 हजार, ********************। शुक्रवार 31 जुलाई, 2020 | लखनऊ (मानवी मीडिया): उत्तर प्रदेश में गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल पर बात करना काफी महंगा साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के तहत बढ़ी हुई दर से जुर्माना लगाए जाने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के मुताबिक अब बिना हेलमेट अब 1 हजार रुपए जुर्माना होगा। पार्किंग का उल्लंघन करने पर पहली बार 500 रुपए और दूसरी बार 1500 रुपए जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही बिना सीट बेल्ट कार चलाने पर एक हजार और बिना लाइसेंस या 14 साल से कम उम्र के बच्चे के बिना वैध लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर पांच हजार रुपए जुर्माना होगा। अब अगर कोई गाड़ी चलाते समय फोन पर बात करते पकड़ा गया तो उसे 10 हजार तक का जुर्माना लगेगा। बता दें कि यूपी सरकार ने 16 जून के कैबिनेट के फैसले का शासनादेश आज जारी कर दिया है।UP: अब गाड़ी चलाते वक़्त फोन पर की बात तो देने पड़ेंगे 10 हजार, जान लें नया ट्रैफिक नियम ट्रैफिक रूल्स में कई बदलाव किए गए हैं। अब अधिकारी की बात नहीं मानने और काम में बाधा डालने पर पहले जुर्माना 1000 रुपये था, जो अब 2000 रुपए कर दिया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर गलत तथ्य देने पर अब 10 हजार जुर्माना देना होगा। फायर बिग्रेड की गाड़ी और एंबुलेंस को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना होगा। तेज गति से कार चलाने पर दो हजार और कॉमर्शियल वाहनों के लिए यही जुर्माना चार हजार रुपए होगा। निशक्त व्यक्ति के वाहन चलाने पर पहली बार में एक हजार और दूसरी बार में जुर्माना दो हजार रुपए होगा। दो पहिया वाहन पर तीन सवारी या इससे ज्यादा बैठाने पर एक हजार रुपए जुर्माना देना होगा 1वहीं शांत क्षेत्र में हॉर्न बजाने पर पहली बार में 1000 तो दूसरी बार में 2000 रुपए जुर्माना होगा। बिना बीमा कराए वाहन चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर दो हजार तो दूसरी बार चार हजार रुपए जुर्माना होगा। सड़क हादसे को कम करने के लिए राज्य सरकार ने नियमों को और कड़ा कर दिया है। इसी तरह वाहन का मॉडल बदले जाने पर निर्माता और डीलर को प्रति वाहन एक लाख का जुर्माना देना होगा। मोटरयान के नियमों के विपरीत वाहन स्वामी द्वारा वाहन में परिवर्तन किए जाने पर पांच हजार रुपए जुर्माना होगा। राज्य सरकार की बिना अनुमति रेस या ट्रायल में भाग लेने पर पहली बार में पांच हजार देना होगा।अगर आप दूसरी बार बिना अनुमति रेस या ट्रायल में हिस्सा लेते हैं तो 10 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। किसी व्यक्ति द्वारा यातायात के नियमों के उल्लंघन पर वाहन चलवाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना होगा। बिना पंजीकरण व निलंबित पंजीकरण वाले वाहन चलाने पर पहली बार में पांच हजार तो दूसरी बार पकड़े जाने 10 हजार रुपए जुर्माना होगा।

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इन राज्यों का नया ट्रैफिक नियम जान ले गाड़ी चलाते वक़्त फोन पर की बात तो देने पड़ेंगे 10 हजार, ********************। शुक्रवार 31 जुलाई, 2020 | लखनऊ (मानवी मीडिया): उत्तर प्रदेश में गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल पर बात करना काफी महंगा साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के तहत बढ़ी हुई दर से जुर्माना लगाए जाने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के मुताबिक अब बिना हेलमेट अब 1 हजार रुपए जुर्माना होगा। पार्किंग का उल्लंघन करने पर पहली बार 500 रुपए और दूसरी बार 1500 रुपए जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही बिना सीट बेल्ट कार चलाने पर एक हजार और बिना लाइसेंस या 14 साल से कम उम्र के बच्चे के बिना वैध लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर पांच हजार रुपए जुर्माना होगा। अब अगर कोई गाड़ी चलाते समय फोन पर बात करते पकड़ा गया तो उसे 10 हजार तक का जुर्माना लगेगा। बता दें कि यूपी सरकार ने 16 जून के कैबिनेट के फैसले का शासनादेश आज जारी कर दिया है।UP: अब गाड़ी चलाते वक़्त फोन पर की बात तो देने पड़ेंगे 10 हजार, जान लें नया ट्रैफिक नियम ट्रैफिक रूल्स में कई बदलाव किए गए हैं। अब अधिकारी की बात नहीं मानने और काम में बाधा डालने पर पहले जुर्माना 1000 रुपये था, जो अब 2000 रुपए कर दिया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर गलत तथ्य देने पर अब 10 हजार जुर्माना देना होगा। फायर बिग्रेड की गाड़ी और एंबुलेंस को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना होगा। तेज गति से कार चलाने पर दो हजार और कॉमर्शियल वाहनों के लिए यही जुर्माना चार हजार रुपए होगा। निशक्त व्यक्ति के वाहन चलाने पर पहली बार में एक हजार और दूसरी बार में जुर्माना दो हजार रुपए होगा। दो पहिया वाहन पर तीन सवारी या इससे ज्यादा बैठाने पर एक हजार रुपए जुर्माना देना होगा 1वहीं शांत क्षेत्र में हॉर्न बजाने पर पहली बार में 1000 तो दूसरी बार में 2000 रुपए जुर्माना होगा। बिना बीमा कराए वाहन चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर दो हजार तो दूसरी बार चार हजार रुपए जुर्माना होगा। सड़क हादसे को कम करने के लिए राज्य सरकार ने नियमों को और कड़ा कर दिया है। इसी तरह वाहन का मॉडल बदले जाने पर निर्माता और डीलर को प्रति वाहन एक लाख का जुर्माना देना होगा। मोटरयान के नियमों के विपरीत वाहन स्वामी द्वारा वाहन में परिवर्तन किए जाने पर पांच हजार रुपए जुर्माना होगा। राज्य सरकार की बिना अनुमति रेस या ट्रायल में भाग लेने पर पहली बार में पांच हजार देना होगा।अगर आप दूसरी बार बिना अनुमति रेस या ट्रायल में हिस्सा लेते हैं तो 10 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। किसी व्यक्ति द्वारा यातायात के नियमों के उल्लंघन पर वाहन चलवाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना होगा। बिना पंजीकरण व निलंबित पंजीकरण वाले वाहन चलाने पर पहली बार में पांच हजार तो दूसरी बार पकड़े जाने 10 हजार रुपए जुर्माना होगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा :;मंदिर में ई दर्शन कोई दर्शन नहीं होताः ********************** शुक्रवार 31 जुलाई, 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया)- उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को झारखंड सरकार से पूछा कि जब पूरा देश खुल रहा है तो केवल मंदिर, मस्जिद, चर्च और दूसरे धार्मिक स्थल क्यों बंद हैं? महत्वपूर्ण दिनों में क्यों नहीं खुलना चाहिए? न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे की याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। न्यायालय ने झारखंड के देवघर स्थित ऐतिहासिक वैद्यनाथ धाम मंदिर में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को जाने देने की सलाह दी। न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे सीमित संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर सकें, क्योंकि ई-दर्शन कोई दर्शन नहीं होता।वैद्यनाथ ज्योतिलिंग धाम झारखण्ड .न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि आने वाली पूर्णमासी और भादो महीने में नई व्यवस्था लागू करने के प्रयास करने की सलाह दी और कहा कि श्रद्धालुओं को ई-टोकन जारी करना भी एक माध्यम हो सकता है। न्यायमूर्ति मिश्रा ने झारखंड सरकार से पूछा, “पूरा देश खुल रहा है, केवल मंदिर, मस्जिद, चर्च और दूसरे धार्मिक स्थल क्यों बंद हैं? महत्वपूर्ण दिनों में उन्हें खुलना चाहिए। मंदिर में ई-दर्शन, दर्शन करना नहीं होता है।” न्यायालय ने यह टिप्पणी कोरोना संकट काल में झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भक्तों को केवल ई-दर्शन की इजाज़त दिये जाने पर की। दुबे ने झारखंड उच्च न्यायालय के उस फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है, जिसमें केवल ई-दर्शन की इजाजत करने का आदेश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से कहा कि कोरोना संकट काल में भीड़ न लगे, इसके लिए भक्तों को मंदिर में सीमित संख्या में दर्शन करने की व्यवस्था क्यों नहीं करते? झारखंड सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद पेश हुए।इस श्रावण मास, चलिए ...

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मुख्यमंत्री योगी ने ग्राम पूरे गड़रियन, रायबरेली के एक व्यक्ति व उसके परिवार की युवती के साथ हुई मारपीट की घटना का संज्ञान सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश इन आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी सजा दिलायी जाए***********************। शुक्रवार: 31 जुलाई, 2020 लखनऊ (मानवी मीडिया) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम पूरे गड़रियन, थाना सलोन, जनपद रायबरेली के एक व्यक्ति व उसके परिवार की युवती के साथ हुई मारपीट की घटना का संज्ञान लेते हुए सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि इन आपराधिक तत्वों के खिलाफ एन0एस0ए0 लगाये जाने पर विचार करते हुए इन्हें कड़ी सजा दिलायी जाए

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भारत में एक गांव ऐसा है, जहां राखी का जिक्र पसंद नहीं करती बहनें ************************** शुक्रवार का 31 जुलाई, 2020 | गोण्डा (मानवी मीडिया): रक्षाबंधन के त्योहार को भाई-बहनों के प्रेम और सुरक्षा की कसमें खाने के पर्व के रूप में जाना जाता है लेकिन गोंडा जिले के वजीरगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत डुमरियाडीह के भीखमपुर जगतपुरवा में पर्व मनाना तो दूर कोई इसका जिक्र करना भी पसंद नहीं करता है। ऐसा करने पर सभी लोगों की आंखों के सामने पूर्व घटित हुई घटनाएं जैसे नाचने लगतीं हैं और उन्हें इस पर्व से दूरी बनाए रखने को आगाह करती हैं उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के जगतपुरवा में 20 ऐसे घर हैं, जिनमें करीब 200 बच्चे, बूढ़े व नौजवान भाई रक्षासूत्र का नाम सुनकर ही सिहर उठते हैं। ग्राम पंचायत डुमरियाडीह की राजस्व गांव भीखमपुर जगतपुरवा घरों में आजादी के 8 सालों के बाद करीब पांच दशक से अधिक बीत जाने के बाद बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र नहीं बांधा है। यहां तक कि आसपास के गांव पहुंचे, यहां के बाशिंदे रक्षाबंधन के दिन जब सिर्फ अपने गांव का नाम बताते हैं और वहां की बहनें उन्हें रखी बांधने से खुद माना कर देतीं हैं। इधर, जगतपुरवा के नौजवानों के मन मे इस त्योहार को लेकर उल्लास तो रहता है लेकिन पूर्वजों की बनाई परंपरा को न तोडना ही ही इनका मकसद बन चुका है। Raksha Bandhan 2020 Importance & Significance: Know about the ...जगतपुरवा निवासी डुमरियाडीह ग्राम पंचायत की मुखिया ऊषा मिश्रा के पति सूर्यनारायण मिश्र के अलावा ग्रामीण सत्यनारायण मिश्र, सिद्घनारायन मिश्र, अयोध्या प्रसाद, दीप नारायण मिश्र, बाल गोविंद मिश्र, संतोष मिश्र, देवनारायण मिश्र, धुव्र नारायण मिश्रा और स्वामीनाथ मिश्र ने बताया कि बहनों ने जब कभी हमारे घरों में अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधे, तब-तब इस गांव में अनहोनी हुई।Rakhi Festival Date 2018 - rakhi festival date 2018- राखी की ...बकौल सूर्यनारायण मिश्रा वर्ष ने बताया कि आजादी के आठ साल बाद करीब 5 दशक पहले (1955) में रक्षाबंधन के दिन सुबह हमारे परिवार के पूर्वज में एक नौजवान की मौत हो गई थी। तब से इस गांव में बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षासूत्र नहीं बांधतीं हैं। एक दशक पूर्व रक्षाबंधन के दिन बहनों के आग्रह पर रक्षासूत्र बंधवाने का निर्णय लिया गया था, लेकर उस दिन भी कुछ अनहोनी हुई थी। इसके बाद ऐसा करने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। आज भी यही भय, बहनों को अपने भाइयों को कलाई पर रक्षासूत्र बांधने से रोकती है।Raksha Bandhan 2018: Importance, Significance And History Of Rakhi ...सूर्य नारायण ने बताया कि रक्षा बंधन वाले दिन अगर इस कुल में कोई बच्चा जन्म लेगा, तभी त्यौहार मनाया जाएगा। इसका इंतजार करीब तीन पीढ़ियों से चल रहा है। अभी तक यह अवसर आया नहीं है। उन्होंने बताया कि जगतपुरवा गांव में भले ही रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाया जाता है, लेकिन आसपास के गांवों की बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं। बावजूद इसके जगतपुरवा गांव के भाई-बहनों में जरा भी निराशा नहीं है। कहते हैं कि जो बड़ो ने बताया, उसी पर अमल करते हैं। अपने पूर्वजों द्वारा शुरू की गई परंपरा को नहीं तोड़ेंगे। परंपरा को निभाते रहेंगे। सूर्यनरायण मिश्रा ने बताया कि रक्षा सूत्र के बंधन सिर्फ सुनते हैं, लेकिन उसका आनन्द नहीं उठा पाते हैं। रक्षाबंधन के दिन अगर यह 20 घर के लोग आसपास के किसी दूसरे गांव में जाते हैं तो सिर्फ जगतपुरवा निवासी कहने पर बहनें रक्षासूत्र नहीं बांधती।

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आतंकी खतरे के कारण अयोध्या को सील करने की तैयारी, 4 अगस्त से नहीं हो सकेगा प्रवेश************************ शुक्रवार 31 जुलाई, 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया): वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले राम मंदिर भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन व आतंकी हमले की आशंका को लेकर सुरक्षा को बढ़ा दी गई है। अयोध्या के चारों ओर के क्षेत्र को सील करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत अयोध्या समेत फैजाबाद शहर में प्रवेश के सभी मार्गों पर पूर्व में किए इंतजामों की मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं मुख्य कार्यक्रम की पूर्व संध्या से किसी को भी अयोध्या में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। लखनऊ के रास्ते सड़क से आने वाले वीवीआइपी को सहादतगंज से अयोध्या में प्रवेश देने की योजना बनाई गई है।साथ ही अयोध्या जिले के पड़ोसी जनपद बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी आदि में पूर्व में ही नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। इनके नेतृत्व में इन जनपदों की पुरलिस बार्डर पर कड़ी निगरानी रखेगी। वहीं जल मार्गों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए पीएसी, जल पुलिस की तैनाती की जा रही है। श्रावण मास में सील रहेगी अयोध्या ...प्रधानमंत्री के अयोध्या आगमन को लेकर हाईवे समेत अयोध्या के सभी छोटे-बड़े प्रवेश मार्गों पर बैरियर लगाए जाने की तैयारी है। यह सभी आगामी तीन अगस्त से कार्य करना शुरू कर देंगे। चार अगस्त की शाम से अयोध्या में प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसके लिए सभी मार्गों पर पूर्व में किए इंतजामों की दोबारा मॉनिटरिंग की जा रही है। अयोध्या में प्रवेश के प्रमुख रास्ते जालपा देवी चौराहा, मोहबरा बाईपास, बूथ नंबर चार, रामघाट, साकेत पेट्रोल पंप, बंधा तिराहा, हनुमान गुफा समेत अन्य छोटे रास्तों को बैरीकेडिंग लगाकर सील करने की तैयारी है। इसके अलावा हाइवे पर भी पूर्व में लगे बैरीकेडिंग पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात कर आने जाने वाले लोगों की सघन तलाशी ली जाएगी। पीएम सुरक्षा को लेकर कुल सात जोन बनाए गए हैं, इसमें हनुमानगढ़ी और सरयू तट जोन भी शामिल है। साकेत महाविद्यालय से लेकर नयाघाट तक के मुख्य मार्ग को सुपर सिक्योरिटी जोन में रखा गया है। इस मार्ग पर साकेत महाविद्यालय से आयोजन स्थल तक करीब एक किमी जिस पर प्रधानमंत्री सड़क के रास्ते सफर करेंगे, इन मार्गों पर लगे कई बैरियर सक्रिय हो गए हैं।अयोध्या मुख्य मार्ग से राम जन्मभूमि की तरफ जाने वाले सभी रास्ते सील किए जाने की तैयारी है। वहीं संभावना है कि पीएम नरेंद्र मोदी हनुमानगढ़ी में दर्शन और पूजन भी कर सकते हैं, इसे ध्यान में रखते हुए मुख्य मार्ग पर यातायात बंद किया जा सकता है। .पीएम के दौरे को लेकर अयोध्या के पड़ोसी जनपदों को भी अलर्ट पर रखा गया है। इन जनपदों में पूर्व में ही नोडल पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी, इन अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। सरयू नदी पार पड़ोसी जनपद बस्ती व गोंडा की पुलिस द्वारा अयोध्या बार्डर पर लगातार चेकिंग की जा रही, इसके साथ पुलिस टीम द्वारा जल पुलिस के सहयोग से नदी में गश्त किया जा रहा है।इसके अलावा अंबेडकरनगर, सुलतानपुर, अमेठी व बाराबंकी जनपद पुलिस द्वारा बार्डर क्षेत्र पर निगरानी रखी जा रही, उनके द्वारा आने जाने वाले वाहनों व संदिग्धों की तलाशी ली जा रही है। इन जनपदों के अधिकारियों द्वारा अयोध्या पुलिस से लगातार संपर्क रख सभी गतिविधियां शेयर की जा रही है।

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श्री राम मंदिर निर्माण में विदेश भक्तों का दान नहीं होगा स्वीकार, भारत के लोग कर सकेंगे दान- कारण जानें **********************। बृहस्पतिवार 30 जुलाई, 2020 | अयोध्या (मानवी मीडिया): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अगस्त को भूमि पूजन के साथ ही राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। लेकिन सुनने को मिला है कि अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण में विदेशी भक्त दान नहीं कर सकेंगे। सिर्फ भारत में रहने वाले राम भक्त ही श्री राम मंदिर निर्माण में अपना दान दे सकेंगे। क्योंकि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अभी विदेशी मुद्रा में दान स्वीकार नहीं करेगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक विदेशी मुद्रा लेने के लिए एक व्यवस्था है। उसके लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक होता है और ट्रस्ट अभी पंजीकरण नहीं कराएगा।राम मंदिर निर्माण में नहीं लगेगा विदेशी पैसा, भारत के ही राम भक्त कर सकेंगे दान, ये रही वजह राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद 5 अगस्त से मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा जिसको लेकर देश के ही नहीं विदेशों से भी राम भक्त मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए दान देने के लिए लालायित हैं। विदेशों में रहने वाले राम भक्त मंदिर निर्माण में सहयोग देने के लिए लगातार ट्रस्ट से संपर्क भी कर रहे हैं। लेकिन ट्रस्ट ने विदेशी मुद्रा को लेने के लिए इनकार कर दिया है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक विदेशों से दिए जाने वाली दान अभी नहीं लिए जा सकेंगे क्योंकि विदेशी मुद्रा लेने के लिए भारतवर्ष में एक व्यवस्था है। हमें विदेशी मुद्रा अधिनियम के तहत पंजीकृत कराना होगा। उसके बाद ही विदेशी मुद्रा को लिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि हम पहले भारत में रहने वाले राम भक्तों के शक्ति को बाहर निकालना चाहते है..5 अगस्त को अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करेंगे। इस मौके आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के साथ-साथ राम मंदिर आंदोलन से जुड़े नेता भी मौजूद रहेंगे। राम जन्मभूमि परिसर में टेंट लगाने का काम शुरू हो गया है यह टेंट वाटरप्रूफ होगा। सुविधा के अनुसार परिसर में दो टेंट बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही एक मंच होगा इस मंच पर प्रधानमंत्री के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद होंगे और मंच से संबोधित करेंगे।

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पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सोमेन मित्रा का निधन, बीमार थे लंबे समय से ************************ बृहस्पतिवार 30 जुलाई, 2020 | कोलकाता (मानवी मीडिया): पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा का बुधवार देर रात शहर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। मित्रा जिस निजी अस्पताल में भर्ती थे वहां के सूत्रों ने बताया कि ह्रदय और उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उनका निधन हुआ। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘नियमित जांच के दौरान उनका क्रिएटिनिन स्तर अधिक पाए जाने के बाद कुछ दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह फेफड़ों की बीमारी के मरीज थे और उन्हें उम्र संबंधी अन्य बीमारियां भी थीं।'अस्पताल सूत्रों ने बताया कि मित्रा का दिल का दौरा पड़ने के बाद देर रात करीब डेढ़ बजे निधन हुआ। वह कोरोनावायरस से संक्रमित नहीं पाए गए थे। उनके परिवार में पत्नी और बेटा है। कांग्रेस नेता के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए कुछ दिन पहले अस्पताल ले जाया गया था। मित्रा जब लोकसभा सांसद थे तब उनकी बाइपास सर्जरी भी हुई थी। कांग्रेस सांसद और राज्य में पार्टी मामलों के अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) प्रभारी गौरव गोगोई ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के निधन पर शोक जताया। गोगोई ने ट्वीट किया, ‘मुझे लेफ्टिनेंट सोमेन मित्रा के परिवार के लिए बहुत दुख महसूस हो रहा है। वह बंगाल की दिग्गज शख्सियत थे और उन्होंने अपने लंबे सफर में लाखों लोगों की जिंदगियों को बदला। मेरी संवदेनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति हैं। उनकी विरासत को भुलाया नहीं जाएगा।'‘छोरदा' (मंझला भाई) के तौर पर पहचाने जाने वाले मित्रा 1960 और 1970 के सबसे तेजतर्रार नेताओं में से एक थे। वह 60 के दशक में छात्र राजनीति के जरिए कांग्रेस में पहुंचे। कांग्रेस की पश्चिम बंगाल ईकाई के 1992-1996, 1996-1998 और सितंबर 2018 से अब तक तीन बार अध्यक्ष रहे मित्रा सियालदह विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक चुने गए।उन्होंने प्रगतिशील इंदिरा कांग्रेस राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए 2008 में कांग्रेस छोड़ दी। बाद में 2009 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने अपनी पार्टी का तृणमूल कांग्रेस में विलय कर दिया और उस साल डायमंड हार्बर संसदीय सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीते। मित्रा 2014 में टीएमसी छोड़कर फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए। उनकी 2016 विधानसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच गठबंधन कराने में अहम भूमिका थी।

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प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या दौरे पर आतंकी साजिश की इनपुट, हाई अलर्ट पर उत्तर प्रदेश *************************। बृहस्पतिवार 30 जुलाई, 2020 | लखनऊ (मानवी मीडिया): अयोध्या में विराजमान रामलला के मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन है, मगर इससे पहले ही यूपी में जारी आतंकी हमले के अलर्ट ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पांच अगस्त को पाक आतंकवादी हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं, ऐसा गृह मंत्रालय से यूपी सरकार के इंटेलिजेंस को इनपुट मिला है। इंटेलिजेंस के अलर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में ट्रेन किए गए पाकिस्तान के आतंकी भारत में वीआईपी मूवमेंट को निशाना बना सकते हैं। क्योंकि पांच अगस्त को राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। राम मंदिर भूमि पूजन पर मंडरा रहा आतंकी हमले का साया, हाई अलर्ट पर पूरा उत्तर प्रदेश सूत्रों की मानें तो खुफिया एजेंसियों को 5 अगस्त के मौके पर फिदायीन आतंकी हमले के इनपुट मिले हैं, जिसके बाद अयोध्या और आस-पास के क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इतना ही नहीं, यूपी में पांच अगस्त तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। फील्ड में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है।जानकारी के अनुसार 5 अगस्त का दिन काफी महत्वपूर्ण दिन है। एक तो इसी दिन कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया गया था, जिसकी पहली बरसी है और दूसरा कि पांच अगस्त को ही इस साल अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होना है और इसी दिन पीएम मोदी अयोध्या भी आ रहे हैं। इसलिए ऐसी आशंका जताई जा रही है कि आतंकी हमले की का प्लान कर सकते हैं। आर्टिकल 370 हटाए जाने की पहली बरसी और अयोध्या में भूमि पूजन को देखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश को हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है।high alert in aligarhबताया जा रहा है कि पाकिस्तानी आईएसआई ने लश्कर-ए-तैयब्बा और जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकियों को हमले का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि इसके लिए घुसपैठ की भी कोशिश होगी। हालांकि, यूपी के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो भूमि पूजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अपने चरम पर होगा और यही व्यवस्था 15 अगस्त तक बनी रहेगी। सूत्रों की मानें तो पिछले साल कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के वक्त और अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले वाले दिन जिस तरह की सुरक्षा व्यवस्था थी, उसी तरह की सुरक्षा घेराबंदी इस पांच अगस्त को भी देखने को मिलेगी। मेरठ जोन में रक्षा संस्थानों मसलन एयरफोर्स और आर्मी को भी अलर्ट पर रखा गया है। एक अगस्त को बकरीद, तीन अगस्त को रक्षा बंधन और पांच अगस्त को भूमि पूजन और आर्टिकल 370 को हटाए जाने की बरसी है। इसलिए इन सभी बातों को ध्यान में रखकर सरकार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी गंभीर है। ।

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सरकारी और निजी स्कूलों में एक नियम, फीस पर लगेगी लगाम

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  नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक शत-प्रतिशत बच्चों को स्कूली शिक्षा में नामांकन कराने का लक्ष्य है। इसका मतलब हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना या उन्हें शिक्षा से जोड़ना है। इसके अलावा राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण में अब सभी सरकारी और निजी स्कूल शामिल होंगे। पहली बार सरकारी और निजी स्कूलों में एक नियम लागू होंगे। इससे निजी स्कूलों की मनमानी और फीस पर लगाम लगेगी। मिड-डे मील में अब नाश्ता भी  ग्रामीण, पिछड़े व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए स्कूलों में नाश्ता भी मिलेगा। अब तक मिड-डे मील में दोपहर का भोजन मिलता था। इसी साल से पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। इसके अलावा शारीरिक जांच के आधार पर सभी बच्चों को हेल्थ कार्ड भी मिलेगा। स्कूली शिक्षा की हर पांच वर्ष में समीक्षा  गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूली शिक्षा की हर पांच साल में समीक्षा होगी। वर्ष 2022 के बाद पैराटीचर नहीं रखे जाएंगे। शिक्षकों की भर्ती सिर्फ नियमित होगी। रिटायरमेंट से पांच साल पहले शिक्षकों की नियुक्ति का काम केंद्र और राज्य शुरू कर देंगे। कूषि और स्वास्थ की पढ़ाई सामान्य विश्वविद्यालयों के साथ प

पकड़ा गया Dr. Death, सैकड़ों लोगों की बेरहमी की हत्या- 4 राज्‍यों की पुलिस को थी तलाश *************************** बृहस्पतिवार 30 जुलाई, 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया): पुलिस की अपराध शाखा की नारकोटिक्स सेल ने दुर्दांत हत्यारे डॉ. देवेंद्र शर्मा उर्फ डॉ. डेथ को बुधवार को बापरौला से गिरफ्तार किया है। बता दें कि डा. डेथ ने 11 वर्ष तक राजस्थान के जयपुर में क्लीनिक चलाया। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और अमरोहा में दो फर्जी गैस एजेंसियों के संचालन मामले में गिरफ्तार हुआ। दस वर्ष तक किडनी रैकेट से जुड़ा रहा। 2004 में हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार हुआ। वह दावा करता है कि वह अब तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में 100 से अधिक ट्रक और टैक्सी चालकों की हत्या चुका है और 100 कत्ल के बाद उसने गिनती करना छोड़ दिया। हत्या के बाद शवों को उत्तर प्रदेश के कासगंज की हजारा कैनाल में बहा देता और टैक्सी को कासगंज में या मेरठ में बेच देता।पुलिस ने उसे डॉक्टर डेथ, सीरियल किलर और हरियाणा का सबसे बड़ा जल्लाद नाम दिया है। राजस्थान की जयपुर पुलिस को इसकी पैरोल जंपिंग मामले में तलाश थी। अपराध शाखा के डीसीपी डॉ. राकेश पावरिया के अनुसार, नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर राममनोहर को 28 जुलाई को सूचना मिली कि हत्या में उम्रकैद काट रहा सीरियल किलर देवेंद्र कुमार शर्मा जनवरी 2020 में पैरोल जंप कर गया था और दिल्ली के बापरौला में छिपकर रह रहा है। उनकी देखरेख में एसआई श्याम बिहारी सरन, हवलदार अशोक नागर, संजय, सिपाही सुमित व सुनील की टीम ने डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा (62) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, एक विधवा से शादी कर वह यहां छिपकर रह रहा था। इसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने जयपुर पुलिस सें संपर्क साधा और इसके बारे में जानकारी ली तो उसने सच उगल दिया। जयपुर पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। डॉ. देवेंद्र शर्मा की डिग्री बीएएमएस है, मगर वह किडनी निकालने व ट्रांसप्लॉट करने के लिए सर्जरी करता था। जयपुर पुलिस सीरियल किलर को लेने दिल्ली आएगी।बताते चलें कि वह ट्रक ड्राइवरों की हत्या कर उनके शव को कासगंज स्थित हजारा नहर में मगरमच्छों के लिए फेंक देता था ताकि कोई सुबूत न मिले। गाड़ियों को कासगंज में बेच देता था या फिर मेरठ में कटवा देता था। एक टैक्सी के बिकने या कटने पर डॉक्टर को 20 से 25 हजार रुपये मिलते थे।

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ईद-उल-अज़हा (बकरीद), रक्षाबन्धन, 05 अगस्त के अयोध्या कार्यक्रम, जन्माष्टमी तथा 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के दृष्टिगत प्रत्येक जनपद में सजगता व सतर्कता बरते जाने के निर्देश ******************** बुधवार: 29 जुलाई, 2020 लखनऊ (मानवी मीडिया) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी ईद-उल-अज़हा (बकरीद), रक्षाबन्धन, 05 अगस्त के अयोध्या कार्यक्रम, जन्माष्टमी तथा 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के दृष्टिगत प्रत्येक जनपद में सजगता व सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के पर्याप्त प्रबन्ध सुनिश्चित कर लिए जाएं। पर्वों एवं त्योहारों सहित अयोध्या व स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पूर्णतया पालन करते हुए शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराया जाए। उन्होंने शरारती व असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी निगाह रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आगामी पर्वों व अयोध्या कार्यक्रम के सम्बन्ध में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बाढ़ से बचाव व राहत कार्य, स्वच्छता व सैनिटाइजेशन सहित कोविड-19 नियंत्रण के सम्बन्ध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील जनपदों व स्थलों के दृष्टिगत पूर्व तैयारी एवं कार्यवाही किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस पेट्रोलिंग, पी0आर0वी0-112 पेट्रोलिंग की व्यवस्थाएं निरन्तर गतिशील रहें। विवाद की आशंकाओं को हर हाल में रोका जाए। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत अभी तक सभी त्योहार प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए मनाए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों पर कोई कार्यक्रम नहीं हुआ है। इसी प्रकार, बकरीद को भी मनाया जाए। इसके दृष्टिगत साफ-सफाई रखी जाए। लोग घरों में रहकर ही त्योहार मनाएं। कोई भी कार्यक्रम सार्वजनिक स्थानों पर न हो। उन्होंने कहा कि सभी धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित किया जाए। उनके माध्यम से लोगों को घरों में रहकर ही कार्यक्रम मनाए जाने की अपील की जाए। कई धर्मगुरुओं ने बकरीद के दृष्टिगत घरों में ही त्योहार मनाए जाने व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए जाने की अपील भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबन्धन पर्व को भी कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए मनाया जाए। सार्वजनिक स्थल पर कोई कार्यक्रम आयोजित न होने पाए। रक्षाबन्धन के मद्देनजर महिलाओं के आवागमन में कोई असुविधा न हो। उनके प्रति किसी भी प्रकार की छेड़खानी, दुव्र्यवहार व आपराधिक घटनाओं को हर हाल में रोका जाए। लोग घरों में ही त्योहार मनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों में स्वच्छता व सैनिटाइजेशन के विशेष प्रबन्ध, निर्बाध विद्युत एवं जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण क्षेत्रों में भ्रमण करें। त्योहारों के सम्बन्ध में आवश्यक सावधानियों के दृष्टिगत त्योहार रजिस्टर का अवलोकन करते हुए कार्यवाही करें। कोई भी सार्वजनिक आयोजन न हो। संवाद से विवादों का समाधान स्थानीय स्तर पर निकाला जाए। सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। अफवाहों व भ्रामक खबरों को फैलने से रोका जाए और उनका तत्काल खण्डन हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराधमुक्त, भयमुक्त एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में कोविड-19 के नियंत्रण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी/सी0डी0ओ0/सी0एम0ओ0 के लिए 05 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इससे एल-2 कोविड अस्पताल के बेडों में विस्तार तथा एल-3 हाॅस्पिटल बनाए जाने की कार्यवाही शीघ्रता से की जाए। उन्होंने कहा कि समय से कोविड संक्रमित व्यक्ति को चिन्ह्ति करते हुए उसे अस्पताल में भर्ती किए जाने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। डोर-टू-डोर सर्वे तथा काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य तत्परता से किया जाए। कन्टेन्मेण्ट जोन में एन0सी0सी0, एन0एस0एस0, भूतपूर्व सैनिक, सिविल डिफेंस आदि की सेवाएं ली जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग टीमें बनाते हुए कार्य किए जाएं। सर्विलांस की कार्यवाही में कोताही न हो। खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की शिकायत न मिले। प्रत्येक माह में 02 बार खाद्यान्न वितरण का कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी प्रकार, बाढ़ नियंत्रण व राहत के कार्य समय रहते सुनिश्चित किए जाएं। बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील जनपदों में पर्याप्त नौकाओं व राशन किट की व्यवस्थाएं की जाएं। मेडिकल टीम निरन्तर कार्य करे। पशुओं के चारे का प्रबन्ध सुनिश्चित हो। संवेदनशील तटबन्धों की सुरक्षा की जाए। जलमग्न क्षेत्रों व गांवों में राशन किट के वितरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को विशेष आर्थिक पैकेज के अन्तर्गत लाभान्वित किए जाने हेतु सभी जनपदों में बैंकर्स कमेटी की बैठकें कर ली जाएं। इसी प्रकार कृषि अवस्थापना के तहत मिलने वाले विशेष आर्थिक पैकेज का भी लाभ हर हाल में योजनाबद्ध तरीके से प्राप्त किया जाए। स्ट्रीट वेण्डर्स का रजिस्ट्रेशन व्यापक पैमाने पर सुनिश्चित करते हुए, उन्हें इस पैकेज के तहत लाभान्वित कराया जाए। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक जनपद में कार्य योजना बनाए जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर, बुलन्दशहर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, गोरखपुर, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, कानपुर देहात आदि जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इससे पूर्व, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी एवं पुलिस महानिदेशक एच0सी0 अवस्थी ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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‘वन नेशन कार्ड‘ सुविधा का उपभोग करने वाले राशन कार्ड लाभार्थियों की शिकायत व समस्या के लिए टोल-फ्री नम्बर जारी टोल-फ्री नम्बर 14445 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं *************************** बुधवार 29 जुलाई, 2020 लखनऊ (मानवी मीडिया) भारत सरकार की ‘वन नेशन वन राशन कार्ड‘ योजना के अन्तर्गत प्रदेश में राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा माह मई 2020 से लागू है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के कार्डधारक अन्य राज्यों की किसी भी उचित दर दुकान से तथा अन्य राज्यों के कार्डधारकों द्वारा उत्तर प्रदेश की किसी भी उचित दर दुकान से अपना खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकता है। इस सुविधा का उपभोग करने वाले राशन कार्ड लाभार्थियों को होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा अथवा शिकायत को दर्ज कराने एवं उसके त्वरित निस्तारण के लिए टोल-फ्री नम्बर 14445 संचालित किया गया है। इस टोल-फ्री नम्बर 14445 पर ‘वन नेशन कार्ड‘ सुविधा का उपभोग करने वाले राशन कार्ड लाभार्थी सम्पर्क कर अपनी शिकायत व समस्या दर्ज करा सकते हैं। यह जानकारी अपर खाद्य आयुक्त श्री अनिल कुमार दुबे ने दी। श्री दुबे ने बताया कि राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी की यह व्यवस्था आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से संचालित होती है। उन्होंने बताया कि माह मई 2020 से अब तक उत्तर प्रदेश में अन्य राज्योें के 835 राशनकार्ड लाभार्थियों द्वारा खाद्यान्न प्राप्त किया गया है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के 187 राशनकार्ड लाभार्थियों द्वारा अन्य राज्यों में अपना राशन प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस टोल-फ्री नम्बर पर राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी सम्बन्धी किसी भी प्रकार की असुविधा और शिकायत का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।

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स्कूली शिक्षा में बदलाव,10+2 फार्मेट खत्म, 5+3+3+4 नई व्यवस्था होगी लागू *********************** बुधवार 29 जुलाई, 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया)-केंद्रीय कैबिनेट ने आज नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी। अब ह्यूमन रिसोर्स मिनिस्ट्री यानी मानव संसाधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा। कैबिनेट बैठक के बाद एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक और सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने नई शिक्षा नीति के बार में विस्तार से बताया। नई शिक्षा नीति में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव के साथ ही उच्च शिक्षा में 2035 तक सकल नामांकन अनुपात बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नई शिक्षा नीति में 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है। इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है। इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12)। इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं। आज की व्यवस्था में अगर चार साल इंजीनियरिंग पढऩे या 6 सेमेस्टर पढऩे के बाद छात्र किसी कारणवश आगे नहीं पढ़ पाते हैं तो कोई उपाय नहीं होता, लेकिन मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम में एक साल के बाद सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा और 3-4 साल के बाद डिग्री मिल जाएगी। यह छात्रों के हित में एक बड़ा निर्णय है। स्कूल शिक्षा में किये गये बदलाव के तहत 6-9 वर्ष के जो बच्चे आमतौर पर 1-3 क्लास में होते हैं, उनके लिए नेशनल मिशन शुरू किया जाएगा ताकि बच्चे बुनियादी साक्षरता और न्यूमरेसी को समझ सकें। स्कूली शिक्षा के लिए खास करिकुलर 5+3+3+4 लागू किया गया है। इसके तहत 3-6 साल का बच्चा एक ही तरीके से पढ़ाई करेगा ताकि उसकी फाउंडेशन लिटरेसी और न्यूमरेसी को बढ़ाया जा सके। इसके बाद मिडिल स्कूल यानी 6-8 कक्षा में सब्जेक्ट का इंट्रोडक्शन कराया जाएगा। कक्षा 6 से ही बच्चों को कोडिंग सिखाई जाएगी। नई शिक्षा नीति के तहत 3-6 वर्ष के बीच के सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक-बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीन से पांच वर्ष की आयु के बच्चों की जरूरतों को आंगनवाडिय़ों की वर्तमान व्यवस्था द्वारा पूरा किया जाएगा और 5 से 6 वर्ष की उम्र को आंगनवाड़ी / स्कूली प्रणाली के साथ खेल आधारित पाठ्यक्रम के माध्यम से, जिसे एनसीईआरटी द्वारा तैयार किया जाएगा, सहज और एकीकृत तरीके से शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की योजना और कार्यान्वयन मानव संसाधन विकास, महिला और बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याणतथा जनजातीय मामलों के मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसके सतत मार्गदर्शन के लिए एक विशेष संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। स्कूली शिक्षा में 10+2 खत्म, 5+3+3+4 की नई ... मूलभूत साक्षरता और मूल्य आधारित शिक्षा के साथ संख्यात्मकता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्राथमिकता पर एक राष्ट्रीय साक्षरता और संख्यात्मकता मिशन स्थापित किया जाएगा। ग्रेड 1-3 में प्रारंभिक भाषा और गणित पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। एनईपी 2020 का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रेड 3 तक के प्रत्येक छात्र को वर्ष 2025 तक बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान हासिल कर लेना चाहिए। स्कूल में व्यावसायिक और शैक्षणिक धाराओं के एकीकरण के साथ सभी विषयों - विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला, भाषा, खेल, गणित इत्यादि पर समान जोर दिया जाएगा स्कूली शिक्षा में 10+2 ... विभिन्न उपायों के माध्यम से वर्ष 2030 तक समस्त स्कूली शिक्षा के लिए 100 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात प्राप्त करना लक्षित किया गया है। यह सुनिश्चित करना लक्षित है कि कोई भी बच्चा जन्म या पृष्ठभूमि की परिस्थितियों के कारण सीखने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के किसी भी अवसर से वंचित न रहें। सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समूहों पर विशेष जोर दिया जाएगा। वंचित क्षेत्रों के लिए विशेष शिक्षा क्षेत्र और अलग से लिंग समावेश निधि की स्थापना की जाएगी। उच्चतर शिक्षा की प्रोन्नति हेतु एक व्यापक सर्वसमावेशी (अम्ब्रेला) निकाय होगा जिसके अंतर्गत मानक स्थापन, वित्त पोषण, प्रत्यायन और विनियम के लिए स्वतंत्र इकाइयों की स्थापना की जाएगी। वोकेशनल शिक्षा समस्त प्रकार की शिक्षा का एक अभिन्न अंग होगी। नयी शिक्षा नीति का उद्देश्य वर्ष 2025 तक 50 प्रतिशत छात्रों कोवोकेशनल शिक्षा प्रदान करना है। राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन अनुसंधान और नवाचार को उत्प्रेरित और विस्तारित करने के लिए देश भर में एक नई इकाई स्थापित की जाएगी। शिक्षा में प्रौद्योगिकी अधिगम, मूल्यांकन, योजना व प्रशासन को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग व विचारों के नि:शुल्क आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए एक स्वायत्त निकाय बनाया जाएगा। कक्षा प्रक्रियाओं में सुधार, शिक्षकों के व्यावसायिक विकास का समर्थन, वंचित समूहों के लिए शैक्षिक पहुंच बढ़ाने और शैक्षिक योजना, प्रशासन तथा प्रबंधन को कारगर बनाने के लिए शिक्षा के सभी स्तरों पर प्रौद्योगिकी का उपयुक्त एकीकरण किया जायेगा। संक्रामक रोगों और वैश्विक महामारियों में हुई वृद्धि को देखते हुए ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सिफारिशों का एक व्यापक सेट तैयार किया जाएगा, ताकि जब भी और जहां भी पारंपरिक और व्यक्तिगत रूप से शिक्षा के तरीके संभव न हों, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वैकल्पिक तरीकों के साथ तैयार किया जा सके। शिक्षा नीति का लक्ष्य 100 फीसदी युवा एवं वयस्क साक्षरता प्राप्त करना है।उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने देश मे शिक्षा के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 1948-49 में विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग का गठन हुआ था और उसके बाद सेकेंडरी एजूकेशन कमीशन का गठन 1952-53 में हुआ। उसके बाद 1964-66 में डीएस कोठारी की अध्यक्षता में शिक्षा आयोग का गठन हुआ जिसके आधार पर 1968 में देश में पहली बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनी। उसके बाद 1976 में 42वां संविधान संशोधन के तहत शिक्षा को समवर्ती सूची में शामिल किया गया और 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनी जो अब तक चल रही थी लेकिन 1992 में इसमें थोड़ा सा संशोधन किया गया। उसके बाद अब नयी शिक्षा नीति बनी और इसके लिए पहले सुब्रमनियम और कस्तूरीरंगन समिति गठित हुई। उन्होंने बताया कि नयी शिक्षा नीति के लिए राष्ट्रीय स्तर ही नहीं राज्य स्तर पर भी चर्चा की गई और शिक्षाविदों ही नहीं आम लोगों से भी विचार-विमर्श किया गया।

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स्कूली शिक्षा में बदलाव,10+2 फार्मेट खत्म, 5+3+3+4 नई व्यवस्था होगी लागू *********************** बुधवार 29 जुलाई, 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया)-केंद्रीय कैबिनेट ने आज नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी। अब ह्यूमन रिसोर्स मिनिस्ट्री यानी मानव संसाधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा। कैबिनेट बैठक के बाद एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक और सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने नई शिक्षा नीति के बार में विस्तार से बताया। नई शिक्षा नीति में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव के साथ ही उच्च शिक्षा में 2035 तक सकल नामांकन अनुपात बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नई शिक्षा नीति में 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है। इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है। इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12)। इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं। आज की व्यवस्था में अगर चार साल इंजीनियरिंग पढऩे या 6 सेमेस्टर पढऩे के बाद छात्र किसी कारणवश आगे नहीं पढ़ पाते हैं तो कोई उपाय नहीं होता, लेकिन मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम में एक साल के बाद सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा और 3-4 साल के बाद डिग्री मिल जाएगी। यह छात्रों के हित में एक बड़ा निर्णय है। स्कूल शिक्षा में किये गये बदलाव के तहत 6-9 वर्ष के जो बच्चे आमतौर पर 1-3 क्लास में होते हैं, उनके लिए नेशनल मिशन शुरू किया जाएगा ताकि बच्चे बुनियादी साक्षरता और न्यूमरेसी को समझ सकें। स्कूली शिक्षा के लिए खास करिकुलर 5+3+3+4 लागू किया गया है। इसके तहत 3-6 साल का बच्चा एक ही तरीके से पढ़ाई करेगा ताकि उसकी फाउंडेशन लिटरेसी और न्यूमरेसी को बढ़ाया जा सके। इसके बाद मिडिल स्कूल यानी 6-8 कक्षा में सब्जेक्ट का इंट्रोडक्शन कराया जाएगा। कक्षा 6 से ही बच्चों को कोडिंग सिखाई जाएगी। नई शिक्षा नीति के तहत 3-6 वर्ष के बीच के सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक-बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीन से पांच वर्ष की आयु के बच्चों की जरूरतों को आंगनवाडिय़ों की वर्तमान व्यवस्था द्वारा पूरा किया जाएगा और 5 से 6 वर्ष की उम्र को आंगनवाड़ी / स्कूली प्रणाली के साथ खेल आधारित पाठ्यक्रम के माध्यम से, जिसे एनसीईआरटी द्वारा तैयार किया जाएगा, सहज और एकीकृत तरीके से शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की योजना और कार्यान्वयन मानव संसाधन विकास, महिला और बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याणतथा जनजातीय मामलों के मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसके सतत मार्गदर्शन के लिए एक विशेष संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। स्कूली शिक्षा में 10+2 खत्म, 5+3+3+4 की नई ... मूलभूत साक्षरता और मूल्य आधारित शिक्षा के साथ संख्यात्मकता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्राथमिकता पर एक राष्ट्रीय साक्षरता और संख्यात्मकता मिशन स्थापित किया जाएगा। ग्रेड 1-3 में प्रारंभिक भाषा और गणित पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। एनईपी 2020 का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रेड 3 तक के प्रत्येक छात्र को वर्ष 2025 तक बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान हासिल कर लेना चाहिए। स्कूल में व्यावसायिक और शैक्षणिक धाराओं के एकीकरण के साथ सभी विषयों - विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला, भाषा, खेल, गणित इत्यादि पर समान जोर दिया जाएगा स्कूली शिक्षा में 10+2 ... विभिन्न उपायों के माध्यम से वर्ष 2030 तक समस्त स्कूली शिक्षा के लिए 100 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात प्राप्त करना लक्षित किया गया है। यह सुनिश्चित करना लक्षित है कि कोई भी बच्चा जन्म या पृष्ठभूमि की परिस्थितियों के कारण सीखने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के किसी भी अवसर से वंचित न रहें। सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समूहों पर विशेष जोर दिया जाएगा। वंचित क्षेत्रों के लिए विशेष शिक्षा क्षेत्र और अलग से लिंग समावेश निधि की स्थापना की जाएगी। उच्चतर शिक्षा की प्रोन्नति हेतु एक व्यापक सर्वसमावेशी (अम्ब्रेला) निकाय होगा जिसके अंतर्गत मानक स्थापन, वित्त पोषण, प्रत्यायन और विनियम के लिए स्वतंत्र इकाइयों की स्थापना की जाएगी। वोकेशनल शिक्षा समस्त प्रकार की शिक्षा का एक अभिन्न अंग होगी। नयी शिक्षा नीति का उद्देश्य वर्ष 2025 तक 50 प्रतिशत छात्रों कोवोकेशनल शिक्षा प्रदान करना है। राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन अनुसंधान और नवाचार को उत्प्रेरित और विस्तारित करने के लिए देश भर में एक नई इकाई स्थापित की जाएगी। शिक्षा में प्रौद्योगिकी अधिगम, मूल्यांकन, योजना व प्रशासन को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग व विचारों के नि:शुल्क आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए एक स्वायत्त निकाय बनाया जाएगा। कक्षा प्रक्रियाओं में सुधार, शिक्षकों के व्यावसायिक विकास का समर्थन, वंचित समूहों के लिए शैक्षिक पहुंच बढ़ाने और शैक्षिक योजना, प्रशासन तथा प्रबंधन को कारगर बनाने के लिए शिक्षा के सभी स्तरों पर प्रौद्योगिकी का उपयुक्त एकीकरण किया जायेगा। संक्रामक रोगों और वैश्विक महामारियों में हुई वृद्धि को देखते हुए ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सिफारिशों का एक व्यापक सेट तैयार किया जाएगा, ताकि जब भी और जहां भी पारंपरिक और व्यक्तिगत रूप से शिक्षा के तरीके संभव न हों, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वैकल्पिक तरीकों के साथ तैयार किया जा सके। शिक्षा नीति का लक्ष्य 100 फीसदी युवा एवं वयस्क साक्षरता प्राप्त करना है।उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने देश मे शिक्षा के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 1948-49 में विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग का गठन हुआ था और उसके बाद सेकेंडरी एजूकेशन कमीशन का गठन 1952-53 में हुआ। उसके बाद 1964-66 में डीएस कोठारी की अध्यक्षता में शिक्षा आयोग का गठन हुआ जिसके आधार पर 1968 में देश में पहली बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनी। उसके बाद 1976 में 42वां संविधान संशोधन के तहत शिक्षा को समवर्ती सूची में शामिल किया गया और 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनी जो अब तक चल रही थी लेकिन 1992 में इसमें थोड़ा सा संशोधन किया गया। उसके बाद अब नयी शिक्षा नीति बनी और इसके लिए पहले सुब्रमनियम और कस्तूरीरंगन समिति गठित हुई। उन्होंने बताया कि नयी शिक्षा नीति के लिए राष्ट्रीय स्तर ही नहीं राज्य स्तर पर भी चर्चा की गई और शिक्षाविदों ही नहीं आम लोगों से भी विचार-विमर्श किया गया।

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राफेल को फ्रांस से भारत लाने वाले रियल हीरो को सलाम, इनके बारे में जानें ************************ बुधवार 29 जुलाई, 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया): राफेल लड़ाकू विमान आज भारत आ गया। फ्रांस से मिली पांच विमानों की पहली खेप UAE के रास्ते अंबाला एयरबेस पर पहुंची। इस बीच जो भारतीय वायुसेना के पायलट इन विमानों को भारत लाए हैं, उनके परिवार वालों और गांव वासियों को उन पर गर्व महसूस हो रहा है। विंग कमांडर अभिषेक विंग कमांडर अभिषेक त्रिपाठी राफेल को फ़्रांस से अंबाला लाएं हैं। उनका पूरा परिवार जयपुर में रहता है। अभिषेक ने भी वहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की, लेकिन उनके पैतृक गांव हरदोई में भी खुशी का माहौल है और हर कोई उनपर गर्व कर रहा है। राफेल को उड़ाकर ला रहे विंग कमांडर मनीष सिंह और अभिषेक त्रिपाठीअभिषक के अलावा राफेल विमान को लेकर फ्रांस और भारत के बीच डील करवाने वक्त पर इन विमानों की डिलीवरी कराने में जम्मू-कश्मीर के रहने वाले एयर कॉमोडोर हिलाल अहमद की भी जमकर तारीफ हो रही है। वो फ्रांस में भारतीय वायुसेना से अटैच हैं, डील करवाने में उनका काफी अहम योगदान रहा। विंग कमांडर मनीष सिंह और अभिषेक त्रिपाठीये विमानों को 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के कमांडिंग आफिसर ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह की अगुवाई में भारत आए हैं। बताया जा रहा है कि ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह की पत्नी विंग कमांडर हैं और ग्राउंड क्रू मेंबर्स का हिस्सा हैं। इस समय वह अंबाला एयरबेस पर मौजूद थीं। उनके अलावा राफेल विमान को लेकर आ रहे सभी पायलट के परिवार को भी सेरेमनी में बुलाया गया था। एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई नाप ...जानकारी के अनुसार 17वीं गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह शौर्य चक्र विजेता हैं। उन्होंने 12 साल पहले मिग-21 की सुरक्षित लैंडिंग कराई थी। उड़ान भरने के बाद इस मिग-21 का इंजन बंद हो गया और कॉकपिट में अंधेरा छा गया था। उन्होने इमरजेंसी लाइट के जरिए किसी तरह आग पर काबू पाया था। ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह ने मिग-21 का दोबारा इंजन स्टार्ट किया। उन्होंने इंजन चालू करके ग्राउंड कंट्रोल की मदद से नेविगेशन सिस्टम के जरिए रात में लैंडिंग की। मिग-21 की सुरक्षित लैंडिंग के लिए हरकीरत सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। जब यह वाक्या हुआ, तब हरकीरत सिंह स्क्वाड्रन लीडर थे।

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हैकरों ने कंपनियों के नाक में किया दम, भारत में 9 महीनों से डेटा चोरी से लगभग 14 करोड़ का नुकसान ************************ बुधवार 29 जुलाई 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया)-भारत में अगस्त 2019 से लेकर अप्रैल 2020 के बीच विभिन्न संगठनों के डेटा में सेंध लगने से उन्हें औसतन 14 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। आईबीएम की बुधवार को जारी रिपोर्ट में यह कहा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आंकड़ों की चोरी अथवा उनमें सेंध लगाने के जितने भी हमले हुए हैं उनमें से 53 प्रतिशत दुर्भावना के साथ किए गए। वहीं सिस्टम में होने वाली गड़बड़ियों का इसमें 26 प्रतिशत और 21 प्रतिशत मानव गलती का योगदान रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘वर्ष 2020 के अध्ययन में डेटा सेंध के मामलों में औसतन लागत 14 करोड़ रुपये रही है। यह 2019 की लागत के मुकाबले 9.4 प्रतिशत अधिक है। 2020 के अध्ययन में प्रत्येक नुकसान अथवा चोरी रिकार्ड की 5,522 रुपये लागत रही, यह 2019 के मुकाबले 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।’ रिपोर्ट के मुताबिक डेटा चोरी की पहचान करने का औसत समय 221 दिन से बढ़कर 230 दिन और इसे नियंत्रित करने का औसत समय 77 से बढ़कर 83 दिन हो गया। आईबीएम इंडिया एवं दक्षिण एशिया के साफ्टवेयर सुरक्षा लीडर प्रशांत भटकल ने एक वक्तव्य में कहा, ‘‘भारत में साइबर- अपराध के तौर तरीकों में बदलाव देखा जा रहा है। यह अब पूरी तरह से संगठित और गठबंधन बनाकर हो रहा है कि भारत में नकल अथवा धोखे में डालकर, सोशल इंजीनिरिंग के जरिये कई तरह से हमले किए जा रहे हैं।’’ डेटा में सेंध लगाने की घटनाओं से भारतीय कंपनियों को 2019 में 12.8 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत भी वहन करनी पड़ी। भटकल ने कहा है कि कंपनियां साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक हुई हैं और इसके समाधान की महत्ता को समझती हैं लेकिन हमें पिछले साल के मुकाबले डेटा चोरी अथवा इसमें सेंध लगाने के मामले में लागत 9.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। इसके साथ ही जिन्होंने सुरक्षा आटोमेशन की व्यवस्था की है वह सेंध के मामलों का उनके मुकाबले जिनकी कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है 27 प्रतिशत तेजी के साथ पता लगाकर उसे नियंत्रित कर सकेंगे। ।

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लखनऊ मंडलआयुक्त मुकेश मेश्राम कि गूगल मीट बैठक संपन्न********************* मंगलवार-29 जुलाई 2020, लखनऊ (मानवी मीडिया) मण्डलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम की अध्यक्षता में गूगल मीट से वी0सी द्वारा रायबरेली विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक सम्पन्न हुयी, जिसमें जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष रायबरेली विकास प्राधिकरण शुभ्रा सक्सेना, सचिव रायबरेली विकास प्राधिकरण ए0के0 राय सहित सभी सम्बन्धित अधिकारियों व मनोनीत सदस्यों द्वारा आनलाइन जुड़कर बैठक में प्रतिभाग किया गया। बैठक में प्राधिकरण की विगत बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि व अनुपालन आख्या की समीक्षा की गयी तथा निम्न निर्देश दिये गये। ऽ परिचालन के माध्यम से अंगीकृत शमन योजन-2020 को लागू किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया तथा निर्देश दिये गये कि प्राधिकरण द्वारा जनता की जानकारी के लिये इसका प्रचार-प्रसार कराया जाये तथा जोनवार कैम्प लगवायें जायें इसके साथ ही डोर-टू-डोर सर्वे कराकर निर्धारित पात्रता के अनुसार चिन्हित अवैध निर्माण को नोटिस जारी कर शमन शुल्क एवं अन्य फीस शुल्क की धनराशि सहित इच्छुक व्यक्तियों द्वारा प्राधिकरण में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों पर सरल व सुविधाजनक तरीके से समाधान कराया जायें। ऽ एकता बिहार स्थित सामुदायिक केन्द्र (उत्सव भवन) के नीलामी हेतु किराये की दरों को पुनरीक्षित कर विज्ञापन जारी करते हुए री-टेन्डर कराया जायें। ऽ एकता बिहार योजना में पूर्व निर्मित 04 मंजिला एवं आवंटन से रिक्त भवनों का प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के उपघटक (ऋण आधारित सब्सिडी) का आवंटन किराया क्रय पद्धति में परिवर्तित करने हेतु प्रस्ताव शासन को संदर्भित करने के निर्देश। ऽरायबरेली विकास प्राधिकरण में समूह ग के अन्र्तगत दैनिक वेतन/वर्कचार्ज/संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का विनियमितीकरण व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मानदेय पर नियुक्त किये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष रायबरेली विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि एक कमेटी गठित कर शासन द्वारा जारी किये गये शासनादेश का अध्यन कर शासनादेशानुसार कर्मचारियों की अर्हताओं का परीक्षण कर प्रस्ताव अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश। मण्डलायुक्त ने कहा कि किसी भी योजना को प्रारम्भ करने के पूर्व उसका डिमान्ड सर्वे अवश्य कराया जायें जिससे यह ज्ञात हो सके कि किस क्षेत्र में किस वर्ग की क्या आवश्यकता है उसके अनुसार ही प्रस्ताव तैयार कराया जायें। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि प्राधिकरण के पास समुचित लैण्ड बैक की उपलब्धता होनी चाहिये इसके लिये प्राधिकरण क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीनों का चिन्हाकन कर उनको सक्रिल रेट में क्रय किया जायें जिससे योजना में लागत कम आयें। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा लैण्ड पुलिंग की नीति को लागू किया जाये, यदि किसी क्षेत्र का कोई व्यक्ति या किसान अपनी इच्छानुसार आपसी सहमति सेे तैयार है तो उस क्षेत्र का सम्पूर्ण विकास कराया जाये इसके लिये कन्सल्ट्रेन्ट या टाउन प्लानर को लगाकर एक सर्वे कराया जाये। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक से पूर्व कमेटी में नामित मनोनीत सदस्यों के साथ बैठक कर एजेन्डा के बिन्दुवार प्रजेन्टेशन कर उनकों जानकारी प्रदान की जाये तथा उनके द्वारा दिये गये सुझावों को एजेन्डे में सम्मिलत कर बोर्ड बैठक में प्रस्ततु किया जाये जिससे उन सुझावों पर भी विचार विमर्श किया जा सके व जनहित में प्राधिकरण का उपयोगितानुसार समुचित विकास कराया जा सके।

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32 सेकंड के मुहूर्त में श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे पीएम मोदी, 7 जोन में किया गया सुरक्षा का दायरा ************************** बुधवार 29 जुलाई 2020 | अयोध्या (मानवी मीडिया): अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यहां चल रही तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की। चूंकि, कोरोना संकट के कारण भूमि पूजन में अधिक लोग शामिल नहीं हो पाएंगे, इसलिए लाखों राम भक्तों को मंदिर निर्माण से जोड़ने के लिए मंदिर निर्माण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। NBTश्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की भावना थी राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में वे सारे लोग शामिल हों जिन्होंने राम मंदिर निर्माण आंदोलन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में सहयोग किया था, लेकिन कोविड-19 के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। हालांकि, लोग भूमि पूजन का प्रसारण दूरदर्शन पर लाइव देख सकेंगे। उन्होंने रामभक्तों से आग्रह किया कि शाम को अपने घर पर दीपक जलाकर दिव्य भव्य अवसर का स्वागत करें। NBT इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी के 5 अगस्त के अयोध्या दौरे पर सुरक्षा का प्लान तैयार किया गया है। खास तौर पर उन रास्तों पर जहां से पीएम मोदी राम जन्मभूमि परिसर में जाकर राम मंदिर निर्माण का शुभारंभ करेंगे। सुरक्षा का दायरा बढ़ा कर 7 जोन में कर दिया गया है। डीएम एके झा के मुताबिक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। पीएम मोदी 5 अगस्त को साढ़े 11 बजे राम मंदिर का भूमि करेंगे। पीएम को 32 सेकंड के मुहूर्त में भूमि पूजन करना है।

राफेल के भारत आने पर पीएम मोदी का ट्वीट- स्वागतम्, राष्ट्र रक्षा के समान कोई यज्ञ नहीं*********************। बुधवार 29 जुलाई 2020 | नई दिल्ली (मानवी मीडिया)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस से पांच लड़ाकू राफेल विमानों के देश की धरती पर उतरने का स्वागत करते हुए कहा कि देश सेवा से बढ़कर न कोई पुण्य है, न कोई व्रत है और न ही कोई यज्ञ है। माेदी ने ट्विटर पर एक संस्कृत के एक श्लोक का उल्लेख किया और राफेल विमानों का भारत की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा,“ राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च।। नभः स्पृशं दीप्तम्... स्वागतम्! हैसटैग राफेल इन इंडिया।” गौरतलब है कि फ्रांस से खरीदे जाने वाले 36 राफेल विमानों में से पहली खेप के पांच विमान आज अंबाला स्थित वायुसेना एयरबेस पर पहुंचे।

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