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Showing posts from March, 2019

भड़के मुलायम सिंह बोले

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- शिवपाल की चिंता मैं क्यों करूं, नहीं देता हूं किसी को बधाई

अमेरिका में 'बम चक्रवात': बर्फ के साथ तेज हवाएं जारी, 1339 उड़ानें रद्द

अमेरिका में आए बम चक्रवात के कारण जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने 110 किमी/घंटे रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई है। जिसके चलते 1339 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकारी दफ्तर, स्कूल और बाजार भी बंद कर दिए गए हैं। कोलारडो के राज्यपाल जेअर्ड पोलिस ने तूफान के मद्देनजर आपातकाल घोषित कर दिया है। नेशनल वेदर सर्विस ने कोलारडो, व्योमिंग, नेब्रास्का और नॉर्थ-साउथ डकोटा के लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि हो सके तो घरों से बाहर ना निकलें। तूफान के कारण न्यू मैक्सिको, विस्कॉन्सिन, मिनेसोटा, डलास (टेक्सास), मिशिगन और आयोवा में भी हालात खराब हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ये तूफान बम चक्रवात है, जिसे सर्दियों का तूफान भी कहा जाता है। जब बैरोमीटर का दबाव 24 घंटों में 24 मिलीबार गिरता है, तब यह तूफान आता है। डेनवर पुलिस विभाग ने ट्विटर पर जानकारी दी है कि उनके पास 125 यातायात से संबंधित दुर्घटनाओं की खबर आ चुकी हैं। उन्होंने लोगों से कहा है कि बाहर निकलने के दौरान सावधानी बरतें। पुलिस ने कहा है कि वाहन चलाते समय सावधानी बर

सरकार ने सीबीआई में पांच नए संयुक्त निदेशक नियुक्त किए

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में पांच नये संयुक्त निदेशक नियुक्त किए गए हैं। कार्मिक मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आदेश के अनुसार आईपीएस अधिकारी संपत मीणा, अनुराग, राकेश अग्रवाल, वायोलास कुमार चौधरी और डी सी जैन संयुक्त निदेशक बनाये गये हैं।  मीणा, अनुराग और अग्रवाल क्रमश: झारखंड, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश कैडर के 1994 बैच के अधिकारी हैं। जैन 1991 बैच के राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं, जबकि चौधरी जम्मू-कश्मीर कैडर के 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।  अधिकारियों ने बताया कि इन पांचों अधिकारियों में से, अनुराग, अग्रवाल और जैन सीबीआई में पहले पुलिस अधीक्षक या उप-महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों के रूप में काम कर चुके हैं।

से तो एयर स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता 50 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई है, लेकिन भाजपा कोई अवसर नहीं लेना चाहती। वह उन सांसदों का टिकट काटने पर विचार कर रही है, जिनके खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है। पिछली बार मोदी लहर में बहुत से लोग संसद तो पहुंच गए, लेकिन उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया। 28 राज्यों में 12 में भाजपा की और छह में उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं। कुछ प्रदेशों में राज्य सरकारों के खिलाफ नाराजगी है, तो कुछ सीटों पर स्थानीय सांसदों के कामकाज से लोग नाखुश हैं। पार्टी ने संगठन, संघ और निजी सर्वे एजेंसियों के जरिये सभी 272 सांसदों के प्रदर्शन का आकलन कराया है। हर सीट पर वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, जिला अध्यक्ष, जिला संगठन मंत्री और राज्य संगठन मंत्री की राय ली गई है। वहीं निजी एजेंसियों से मौजूदा सांसद के प्रदर्शन और संभावित उम्मीदवारों के बारे में तीन से चार सर्वेक्षण कराए गए हैं। लगभग आधे सांसदों की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। कुछ की सीट बदले जाने के संकेत पार्टी का इरादा कुछ सांसदों का चुनाव क्षेत्र बदलने का है, तो कुछ अन्य का टिकट काटकर नए चेहरों को उतारने की योजना है। मसलन दिल्ली के सात में से तीन सांसदों का टिकट कटना निश्चित है। जबकि उत्तर प्रदेश की 68 मौजूदा सीटों में से 25 से 30 पर नए चेहरे उतारे जा सकते हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका को बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ईसी) पर शीर्ष अदालत के 25 सितंबर, 2018 को दिए आदेश की अवमानना का आरोप लगाया गया था। बता दें कि पिछले साल सितंबर में पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सभी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से पहले आयोग के सामने अपना पूरा आपराधिक ब्योरा जमा कराने को कहा था। साथ ही आयोग को प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए उन उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास का प्रचार करने के आदेश दिए गए थे।  याचिकाकर्ता वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने शीर्ष अदालत में इस निर्णय की अवमानना किए जाने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की थी। मंगलवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में जस्टिस दीपक गुप्ता व जस्टिस संजीव खन्ना की मौजूदगी वाली पीठ ने इस याचिका पर 14 मार्च को उचित पीठ में सुनवाई किए जाने का आदेश जारी किया। साथ ही याचिका की एक प्रति चुनाव आयोग के सचिव को भेजकर उन्हें अगली सुनवाई पर अपना पक्ष उचित पीठ के सामने रखने के लिए पेश होने के आदेश की जानकारी दिए जाने को कहा।  बता दें कि चुनाव आयोग ने पिछले साल 10

भाजपा में 40 फीसदी सांसदों के टिकट कटने के संकेत, सर्वे रिपोर्ट नहीं है संतोषजनक

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आम चुनाव की घोषणा होने के साथ ही भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस बार पार्टी बड़ी संख्या में मौजूदा सांसदों के टिकट काटने जा रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि लगभग 40 प्रतिशत सीटों पर नए चेहरे उतारे जाने की संभावना है। यह फैसला अगले दो-तीन दिनों में होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में लिया जाएगा। पहले चरण में 11 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए 91 उम्मीदवारों के नामों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। पार्टी हर उम्मीदवार को चुनाव प्रचार के लिए कम से कम एक महीने का समय देना चाहती है।  से तो एयर स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता 50 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई है, लेकिन भाजपा कोई अवसर नहीं लेना चाहती। वह उन सांसदों का टिकट काटने पर विचार कर रही है, जिनके खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है। पिछली बार मोदी लहर में बहुत से लोग संसद तो पहुंच गए, लेकिन उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया। 28 राज्यों में 12 में भाजपा की और छह में उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं। कुछ प्रदेशों में राज्य सरकारों के खिलाफ नाराजगी है, तो क